Monday, 27 March 2017

सेकुलरिज्म के विषय में मेरे विचार

¤ मैं इस्लाम का उतना ही सम्मान करता हूँ
जितना मुस्लिम हिन्दू धर्म का करते हैँ।

¤ मैं अल्लाह का उतना ही आदर करता हूँ
जितना मुस्लिम प्रभु श्री राम का करते हैँ।

¤ मैं कुरान को उतनी ही इज्जत देता हूँ
जितना मुस्लिम रामायण और गीता को देते हैँ।

¤ मैं मोहम्मद साहब का उतना ही आदर
करता हूँ जितना मुस्लिम श्री शिव जी का करते हैँ।

¤ मैं मस्जिद को उतना ही पवित्र मानता हूँ
जितना मुस्लिम मन्दिर को मानते हैँ।

¤ मैं उनकी माँ बहनों का उतना ही आदर
करता हूँ जितना वो हमारी माँ बहनो का करते हैँ।

¤ मैं उनके त्योहारों का उतना ही आदर करता हूँ जितना वो हमारे त्योहारों का करते हैँ।।

अब आप सब ही बताइये कि मैं
साम्प्रदायिक कैसे हुआ ?

मेरी नजर में,  मैं तो"धर्मनिरपेक्ष"हूँ।।

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