कन्हैया कुमार को लेकर अब चुप क्यों हैं केजरीवाल और राहुल गांधी?
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नई दिल्ली। जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी कन्हैया कुमार को जब विकास चौधरी नाम के एक युवक ने पीट दिया तो न ही अरविंद केजरीवाल और न ही राहुल गांधी की कोई प्रतिक्रिया आई। जबकि इससे पहले देखा गया है कि कन्हैया के मामले में दोनों ज्यादा से ज्यादा दिलचस्पी लेते रहे हैं। इससे पहले जब कन्हैया पर वकीलों द्वारा हमला किया गया तो केजरीवाल ने तुरंत ही ट्वीट कर प्रतिक्रिया दी थी।
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नई दिल्ली। जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी कन्हैया कुमार को जब विकास चौधरी नाम के एक युवक ने पीट दिया तो न ही अरविंद केजरीवाल और न ही राहुल गांधी की कोई प्रतिक्रिया आई। जबकि इससे पहले देखा गया है कि कन्हैया के मामले में दोनों ज्यादा से ज्यादा दिलचस्पी लेते रहे हैं। इससे पहले जब कन्हैया पर वकीलों द्वारा हमला किया गया तो केजरीवाल ने तुरंत ही ट्वीट कर प्रतिक्रिया दी थी।
कन्हैया कुमार पर रोज हो रहे नए खुलासे
इस मामले में अभी तक ऐसा पहली बार हुआ जब केजरीवाल ने कन्हैया कुमार के मामले में चुप्पी साध ली है। इससे पहले कन्हैया कुमार के हर मामले में केजरीवाल तुरंत ही ट्वीट कर देते थे। जेल जाने से लेकर जेल से बाहर आने तक और कन्हैया कुमार के जेएनयू में भाषण देने तक कन्हैया से जुडी हर घटना पर केजरीवाल ट्वीट करते थे। लेकिन जब कन्हैया कुमार एक युवक विकास चौधरी द्वारा पीट दिया गया तो केजरीवाल ने कोई ट्वीट नहीं किया और ना ही उनकी पिटाई का विरोध किया। केजरीवाल की इस चुप्पी को देखकर सोशल मीडिया का कहना है कि केजरीवाल और राहुल गाँधी ने भी शायद कन्हैया कुमार से किनारा कर लिया है। उन्हें नहीं पता था कि कन्हैया भारतीय सेना को बलात्कारी बताकर पाकिस्तान में पटाखे फोड़ने का मौका दे देगा।
इस मामले में अभी तक ऐसा पहली बार हुआ जब केजरीवाल ने कन्हैया कुमार के मामले में चुप्पी साध ली है। इससे पहले कन्हैया कुमार के हर मामले में केजरीवाल तुरंत ही ट्वीट कर देते थे। जेल जाने से लेकर जेल से बाहर आने तक और कन्हैया कुमार के जेएनयू में भाषण देने तक कन्हैया से जुडी हर घटना पर केजरीवाल ट्वीट करते थे। लेकिन जब कन्हैया कुमार एक युवक विकास चौधरी द्वारा पीट दिया गया तो केजरीवाल ने कोई ट्वीट नहीं किया और ना ही उनकी पिटाई का विरोध किया। केजरीवाल की इस चुप्पी को देखकर सोशल मीडिया का कहना है कि केजरीवाल और राहुल गाँधी ने भी शायद कन्हैया कुमार से किनारा कर लिया है। उन्हें नहीं पता था कि कन्हैया भारतीय सेना को बलात्कारी बताकर पाकिस्तान में पटाखे फोड़ने का मौका दे देगा।
कन्हैया की गुरूवार के दिन हुई पिटाई के बाद केजरीवाल ने ना कोई भाषण दिया, ना कोई प्रेस कांफ्रेस की, ना ही फेसबुक पर कोई पोस्ट लिखी और ना ही कोई ट्वीट किया, उन्होंने पूरी तरह से अपना मुंह बंद कर लिया। यही काम राहुल गाँधी ने भी किया है, उन्होंने भी कन्हैया कुमार के लिए अपना मुंह बंद कर लिया है। जेएनयू मामले के बाद छात्रों के पक्ष में खड़े होने लिए दोनों नेताओं की देश में जमकर आलोचना हो रही है। ऐसे में जब कन्हैया कुमार ने भारतीय सेना को बलात्कारी बता दिया तो दोनों नेताओं ने कन्हैया कुमार से कन्नी काट ली।
वहीं इससे पहले केजरीवाल ने कन्हैया के जेल से आने के बाद जेएनयू कैम्पस में दिए गए उसके भाषण की तारीफ की थी और ट्वीट भी किया था। केजरीवाल ने लिखा था कि उन्होंने कन्हैया कुमार के भाषण को कई बार सुना, उसने अपने विचारों को बहुत ही अच्छे ढंग से कहा है, उसने वही कहा है जो ज्यादातर लोग महसूस करते हैं, भगवान उसे आशीर्वाद दें।
लेकिन इसके बाद कन्हैया कुमार के हौसले और बुलंद हो गए और उसने भारतीय सेना को लेकर एक शर्मनाक बयान दे डाला। उसने अपने बयान में कहा कि तुम लाख कोशिश कर लो लेकिन हम कश्मीर में मानव अधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ बोलेंगे, हम AFSPA के खिलाफ बोलेंगे, हम सेना का सम्मान करते हुए इस बात को बोलेंगे कि कश्मीर की महिलाओं का बलात्कार किया जाता है भारतीय सुरक्षा बलों के द्वारा।
वहीं दूसरी ओर गुरूवार को ही कन्हैया को लेकर एक और खुलासा हुआ था। इसमें बताया गया कि लड़कियों के सामने खुलेआम पेशाब करने और रोकने पर एक लड़की को पागल और देख लेने की धमकी देने के लिए कन्हैया कुमार पर 3000 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका था। कन्हैया कुमार के बारे में रोज हो रहे नए-नए खुलासों के बाद से ही दोनों नेताओं ने उससे किनारा कर लिया।
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