ज्ञान पडा रह जावेगा ,जब गलियो मे बम फूटेंगे।
तर्क धरे रह जाएंगे जब,तुर्की शत्रु टूटेंगे।।
धन दौलत जितनी जोड़ी,सब तुरक बांध ले जाएंगे।
महंगी कारे नये फोन तबकुछ भी काम न आएंगे ।।
सब ठाठ धरे रह जाएंगे,और महल खडे रह जाएंगे।
हाथ नहीं हथियार लिए ,सब अल्लाहु अकबर गाऐंगे ।।
धनुष राम का न दीखे,न चक्र कृष्ण का दीखै है।
मुरली घण्टी याद रही ,नहीं गदा भीम की सीखै है ।।
तो नाम नहीं बाकी होगा ,तुम शेष नहीं रह पाओगे।।
एकबार तो बोलो तब तुमदोष किसे दे पाओगे?
जोर जोर से बाज रहा है,कब से जंगी नक्कारा!
गूँज रहा पूरब पश्चिमी बस ,असुर निशाचर का नारा ।।
पंजाब गया कश्मीर गया,बंगाल लगे जाता सारा।
गाय काट कर दावत हो ,नहीं ह्रदय ने धिक्कारा???
मरना तो तेरा पक्का,घर मे मर ले, रण मे मर ले।
या तो घुट घुट कर मर ले ,या तू समरांगण का वर ले।।
किन्तु शस्त्र नहीं थामा तोआन नहीं बच पावेगी।
सब धी बेटी मात बहू,नीलाम कराई जावेगी।।
पांच पांच डालर मे जैसे ,नारी बगदादी बिकती।
भारत भू पर भी ऐसी ही हाट लगाइ जावेगी ।।
तो मित्रो हथियार थाम ,जय महादेव उच्चार करो।
निशाचरो के दल बल पर,तुम मर्मान्तक प्रहार करो
Thursday, 24 March 2016
Patriotic Poem
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#thisisfuture
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