Sunday, 27 March 2016

Justice For DrNarang‬

उन्होंने हॉकी से मारा...डंडे से मारा..जब डा. नारंग जमीन पर गिर गए तब भी रॉड से लगातार मारा जा रहा था...इन सबको अपनी आँखों को देख रही थी एक क्रूर महिला ..मैसर ..जो नसीर की माँ है..ये भी उसी भीड़ की हिस्सा थी..लेकिन इस कुमाता ने एक बार भी रोकने की कोशिश नही की ..आपको याद होगा कि पठानकोट हमले के एक आतंकी को उसकी माँ ने कहा था कि 'बेटा! मरने के पहले खाना खा लेना...और यहाँ तो गिरफ्तार हुई माता जी स्वयम् आई थी उत्साहवर्धन करने...यही है इनकी परवरिश..चाहे नसीर हो या इनके साथ आये आमिर,मंजर या अमीर...सब की उम्र 20 के नीचे थी..इनकी परवरिश ही ऐसे हुई है..बचपन से इन्होंने बकरे को हलाल करते देखा है..खुद भी हलाल किया है..निर्भया कांड कावो आरोपी भी नाबालिग था जिसने यौनांगों में रॉड घुसाई थी...स्वाभाविक है कि नाबालिगों में घर और विद्यालय के शिक्षा का काफी हद तक असर रहता है..लेकिन ये कभी विद्यालय गए नही ..गए तो केवल मदरसेजी हाँ वही मदरसे जहाँ से माल्दा में बम और हथियार बरामद हुए और अभी कुछ दिनों पहले गुजरात में हजारों की मात्रा में रॉड,छुरी और घातक हथियार मिले...देश में ISIS ने दस्तक नही दी है बल्कि हर घर में फिदायीन पल रहे है..आपके पड़ोस में भी..सतर्क और चौकन्ना रहने का समय चला गया अब आत्मरक्षा ही आखिरी विकल्प बचा है ...खुद ही.... कोईबचाने नहीं आएगा क्योकि पड़ोसी तो नपुंसक हो गए हैपता नही अपने पिताजी के साथ क्रिकेट खेल रहे उस 8 साल के बच्चे को ये मीडिया,ये नेता न्याय दिला पाएंगे कि नही लेकिन आप और हम तो आवाज उठा ही सकते हैं ...#‎JusticeForDrNarang‬

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