Monday, 4 April 2016

New Generation

कपड़े हो गए छोटे
लाज कहा से आए
रोटी हो गई ब्रैड
ताकत कहा से आए
फूल हो गए प्लास्टिक के
खुशबू कहा से आए
चेहरा हो गया मेकअप का
रूप कहाँ से आए
शिक्षक हो गए टयुशन के
विद्या कहाँ से आए
भोजन हो गए होटल के
तंदरुस्ती कहाँ से आए
प्रोग्राम हो गए केबल के
संस्कार कहाँ से आए
आदमी हो गए पैसे के
दया कहाँ से आए
धंधे हो गए हायफाय
बरकत कहाँ से आए
भक्ति करने वाले स्वार्थी हो गए
भगवान कहाँ से आए
रिश्तेदार  हो गये व्हाट्सऐप के
मिलने कहाँ से आए....

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