Saturday, 23 April 2016

Thoughts for the Day

इस संसार में जितने भी झंझट हुए हैं, उनके मूल में गरीबी ही प्रमुख कारण रही है।
यही क्रांतिकारी, पापी और अपराधी पैदा करती है।
यह ऐसी बीमारी है जो अच्छे-भले को गंदा-बुरा बना देती है।
इसलिए सुविचार बना....

बहुधा गरीबी...
क्रांति, पाप, अपराध
की जननी है

गरीबी के कारण भी आदमी, कभी चोरी-डकैती आदि का सहारा लेकर
पापी पेट को भरता है।
गरीब क्या जी पाएगा, क्या बढ़ पाएगा, क्या सुखी हो पाएगा?

अंत में सवाल भी है कि
क्या आप, पैसा न होने पर भी अपने व्यवहार और चरित्र को
बिगडऩे-गिरने-उजडऩे से रोक सकते है?
जय आर्यावर्त्त

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